Web Series : पलंग तोड़ के सीन आपने अभी तक नहीं देखे तो कुछ नहीं देखा |

Palang tod web series : इसकी कहानी ऐसी प्यासी बहू की है जिसकी अधूरी प्यास उसका पति नहीं बुझा पता फिर अपने प्यार को कैसे गुजारती है आइए जानते हैं इस वेब सीरीज का नाम है पलंग तोड़ कर टेकर एपिसोड की शुरुआत में हम देखते हैं डॉक्टर साहब बाबूजी को चेकअप करते हैं जिन्हें शायद लकवा मार गया था डॉक्टर साहब ललित से कहते हैं कि बाबूजी की हालत तो पहले से काफी ठीक है लेकिन आप इनकी देखभाल के लिए एक नर्स को रख लीजिए ललित कहता है कि हां मैं जानता हूं उसे हम बाबूजी की देखभाल के लिए रख लेंगे ताकि बाबू जी जल्द से जल्द ठीक हो जाए दलित के घर में अपना बोरिया बिस्तर लेकर आती है पता चलता है कि अपनी ही है जिसने बाबूजी बुलाया होता है देखते ही बाबूजी के मन में पब्लिक एसआर कबड्डी खेलने का ख्याल आता है पम्मी जी ललित को यकीन दिलाती है कि वह बाबू जी का पूरा ख्याल रखेगी तो टेंशन लेने की कोई बात नहीं है इधर बाबूजी मन ही मन खुश हो जाते हैं उनकी नजर पम्मी पर ही अटकी हूं बाबूजी सपनों में मम्मी के साथ में खेलने में लगे हुए थे

आपको भी जॉब पम्मी जी बाबू जी के पेड़ के बगल में सो रही होती है तो मौका देखकर बाबूजी पम्मी के पंखों को पकड़कर दनादन अपनी हथकरी चलाने लगते हैं और कुछ देर तक ऐसा ही करने के बाद उन्हें अपने बुढ़ापे में जवानी का चरम सुख प्राप्त हो जाता है एक दिन बाबूजी जानबूझकर अपना कलर नीचे फेंक देते हैं और उसे उठाने के लिए पम्मी जी को बुलाते हैं अब यहां आपको पता चली गया होगा कि यह सब बाबूजी की चाल थी असल मम्मी के दीवाने हो चुके थे जैसे ही कदम उठाने के लिए नीचे झुकती है वैसे ही अपनी चाय की प्याली को नीचे गिरा देता है

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