PM Kusum Yojana 2022: किसानों के लिए जरूरी खबर! सरकारी योजना के नाम पर हो रही है

PM Kusum Yojana 2022: आज बात करेंगे सिंचाई कार्य में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई योजना कुसुम किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महा अभियान के बारे में

चलिए आपसे बात करते हैं कुसुम योजना पर यानी कि किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महा अभियान योजना का ऐलान केंद्र सरकार ने आम बजट 2018-19 में किया था देश के अलग-अलग हिस्सों में सिंचाई सुविधाओं के बाद भी क्षेत्र बिजली कटौती के चलते सूखे हैं जाते हैं

ऐसे में योजना दोहरी समस्याओं का हल साबित होगी इस योजना का उद्देश्य बिजली व सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों को राहत देना है बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रखते हुए देश भर में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी पंपों को सोलर ऊर्जा से चलाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है

ऐसे किसान के बिजली खर्च में भी बचत होगी और जो किसान डीजल से पंप चलाते हैं उन्हें भी थोड़ी राहत मिलेगी साथ ही समय पर फसलों की सिंचाई भी संभव होगी कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी पर सोलर कृषि पंप मुहैया कराए जा रहे हैं

योजना के तहत गरीबों व जरूरतमंदों को कम मूल्य पर सोलर पंप दिए जाएंगे ताकि गरीब छोटे वर्ग के किसानों को फायदा पहुंच सके देश के ऐसे क्षेत्र जहां आज भी किसान की फसलें बरसात के बाद ज्योति हैं या कहिए कि दूसरे कारणों के चलते फसल वक्त पर सिंचाई नहीं ले पाते और सिंचाई न मिलने के चलते किसान की फसलें खराब हो जाती हैं योजना उन सभी किसानों के लिए संजीवनी का काम करेगी

योजना के तहत मौजूदा कृषि पंपों को सौर ऊर्जा पंप में परिवर्तित किया जाएगा किसानों को नए सोलर पंप दिए जाएंगे साथ ही खेती के लिए सोलर ट्यूबवेल भी मुहैया कराई जाएंगी कुसुम योजना के अंतर्गत 7.5 एचपी लोड तक के किसानों को इसमें शामिल किया गया है

यह किसान अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगवा कर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग सिंचाई पंप चलाने के लिए खेती के कामों के लिए कर सकते हैं इसके अलावा खर्च किसे जो अलग बची हुई बिजली होगी ज्यादा उत्पादन अगर किसान के पास बिजली का होगा तो वह इसे ग्रेड को भी भेज सकते हैं इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होगी इससे किसान को तो फायदा होगा ही देश के ऐसे गांव जहां बिजली की भारी समस्या है वहां अतिरिक्त बिजली भी उपलब्ध होगी

योजना के तहत सबसे पहले ऐसे किसानों के यहां सोलर पैनल लगाए जाएंगे जिनके सिंचाई पंप अभी भी डीजल से चलते हैं इससे डीजल की खपत कम होगी किसान की खेती में लगने वाली लागत भी कम होगी और इस पर कुल जो खर्च आएगा वह आएगा 1.40 लाख करोड रुपए का योजना पर लगने

वाले कुल खर्च में 48000 करोड रुपए केंद्र सरकार और 48000 करोड रुपए देगी राज्य सरकार इसके अलावा करीब 45000 करोड रुपए कृषि उपभोक्ताओं को लोन के रूप में नाबार्ड स्थानीय बैंकों के माध्यम से फाइनेंस करेगा इस तरह कुल 90 फ़ीसदी रकम का इंतजाम किया जाएगा

और बचा हुआ 10 फ़ीसदी बहन करना होगा किसान को केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से किसानों को सब्सिडी के रूप में दी जाने वाली 60% रकम सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी बैंक से जो लोन उन्हें मिलेगा लोन के रूप में जो रकम उन्हें दी जाएगी

उसका भुगतान किसान उस आमदनी से करेगा जो से सोलर ऊर्जा बेचकर ग्रेट से मिलेगी लोन की अवधि अधिकतम 7 साल में रखी गई है अभी तक 3.5 किलो वाट का सोलर पैनल लगाने पर किसान को 10% की सब्सिडी मिलती थी और उसे चुकाने पड़ते थे

लेकिन अब साडे 3 किलो वाट का सोलर पैनल लगवाने पर किसान को सिर्फ ₹40000 अपनी जेब से भरने होंगे सोलर पैनल लगवाना ऐसे किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा जिनकी भूमि बंजर है और खेती के लायक नहीं है सोलर पैनल लगवा कर ऐसे किसान बिजली ग्रेड को सप्लाई कर सकते हैं

जमीन को बिजली उत्पादन के उद्देश्य से किराए पर भी देकर वह कमाई कर सकते हैं योजना के तहत अगर कोई डेवलपर किसान की जमीन पर सोलर पैनल लगवाना चाहता है तो उसे किसान को 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से किराया भरना होगा

ऐसे किसान को हर महीने ₹400 की आमदनी होगी यानी साल का ₹80000 और जमीन पर मालिकाना हक किसान का ही रहेगा वह चाहे तो सोलर पैनल लगने के बाद भी अपनी जमीन पर छोटी मोटी खेती कर सकता है दिन में बिजली नहीं है योजना के पहले चरण में किसानों को

और जिन जगहों पर बिजली ग्रिड मौजूद है वहां किसानों को 1000000 पंपसेट दिए जाने की प्लानिंग है इस तरह पहले चरण में देश भर में 27 दशमलव ₹500000 न लगवाए जाएंगे योजना के अगले चरण में किसानों के खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ों पर सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग है और 10000 मेगा वाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसान की बंजर भूमि पर लगाए जाएंगे

योजना के जरिए सरकार देश के तीन करोड़ सिंचाई पंपों को सोलर एनर्जी से चलाने की प्लानिंग कर रही है सरकार का कहना है कि देश के सभी सिंचाई पंपों के लिए अगर सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है तो बिजली की बचत तो होगी ही साथ ही सोलर पैनल से 28 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा

सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा वह अलग योजना की जानकारी के लिए एक ऑफिसर वेबसाइट भी बनाई गई है www.mnre.gov.in आज आकर आप इस योजना की ज्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अगर आप किसान हैं और कुसुम योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो अपने नजदीकी डिस्कॉम कार्यालय में जाकर इनसे संपर्क आप कर सकते हैं इस योजना का लाभ जरूर उठाएंगे

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