Who is Arpita Mukherjee कौन हैं अर्पिता मुखर्जी? जिनके घर ED छापेमारी में मिला करोड़ों पार्थ चटर्जी

Who is Arpita Mukherjee : आज सुबह से ही जो मीडिया में बड़ी खबर की बातचीत चर्चा हो रही है ना वही है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया 1 शिक्षक भर्ती घोटाले में 24 घंटे पूछताछ के बाद ईडी की बड़ी कार्यवाही की गई और सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि उनकी करीबी अर्पिता को भी हिरासत में लिया गया ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल पैदा होना कि आखिर अर्पिता मुखर्जी कौन हैं जिनके घर पर छापेमारी की और इस करो यह दोस्तों देखते हैं कि आखिर यह बड़ा गड़बड़ घोटाला किया है तो आपको बता दूं पश्चिम बंगाल राज्य में साल 2014 और साल 2016 में शिक्षकों की भर्ती हुई थी और नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए 2 कैंडिडेट्स ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी और फिर हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिए थे कोर्ट ने इसमें money-laundering की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच के आदेश जारी किए थे फिर सीबीआई ने पहली बार पश्चिम बंगाल के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी जो कि वहां के पांच बार विधायक रह चुके हैं उनसे 25 अप्रैल को सीबीआई ने पहली बार पूछताछ की थी उसके बाद 18 मई को पूछताछ की थी

आज के बाद सीबीआई ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत दर्ज कराई और जांच एजेंसी की शिकायत के बाद यह मामला आईडी के हाथों में चला गया अभी शुक्रवार को ही नहीं कि कई टीमों ने एक साथ भारत समेत उनके करीबियों के यहां छापेमारी की और सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को अर्पिता मुखर्जी के बारे में भी जानकारी मिली अर्पिता मुखर्जी जो अक्सर पश्चिम बंगाल के वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के साथ उनकी गरीबी के रूप में कई बार देखी गई हैं उनकी जानकारी में यह बात संज्ञान में आई थी अर्पिता मुखर्जी के घर छापेमारी अर्पिता के घर से ईडी को 20 करोड रुपए केस मिली अर्पिता के घर से कैश बरामद होने के बाद शुक्रवार रात 11:00 बजे की टिक्की 135 के घर पहुंची और रात भर पूछताछ करने के बाद शनिवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया इसके बाद भारत के घर के बाहर सीआरपीएफ तैनाती भी कर दी गई हैं आपको बता दूं ममता सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते हैं पांच से कोलकाता की पहल पश्चिम सीट से 5 बार के विधायक पार्थ चटर्जी ममता बनर्जी सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते हैं उनके पास वाणिज्य उद्योग संसदीय कार्य समेत कई मंत्रालयों का प्रभार हैं चटर्जी 2011 से ही कैबिनेट के मंत्री हैं 2006 से 2011 तक बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं

इस मामले पर टीएमसी पार्टी ने चुप्पी साधी हुई है कानूनी राय ली जा रही है पार्थ चटर्जी की ओपीडी की कार्यवाही के बाद टीएमसी ने वेट एंड वाच की रणनीति अपना लिए पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि उनके वकील इस मामले को देखेंगे इसके बाद ही आगे की जानकारी दी जा सकेगी लेकिन इसमें सबसे बड़ा सवाल अभी भी सस्पेंस के रूप में बना हुआ है कि आखिर अर्पिता कौन है जो 5 जिले कितने करीबी हैं तो क्यों और कैसे हैं आइए इनकी प्रोफाइल पर थोड़ी नजर डालते हैं बता दो अर्पिता मुखर्जी बांग्ला की कई फिल्मों में काम भी कर चुकी है यानी कि वह एक एक्ट्रेस हैं जो पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी भी बताई जा रही है ई डी की रेट से सुर्खियों में आए अर्पिता मुखर्जी की बात करें तो बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री में वह बेहद कम समय के लिए काम किए हैं अर्पिता मुखर्जी ने अपने फिल्मी करियर में ज्यादातर साइड रोल किए हैं उन्हें बांग्ला फिल्म के अलावा ओरिया और तमिल फिल्मों में भी काम किया हुआ देखा गया आबिदा मुखर्जी बांग्ला फिल्मों के सुपरस्टार प्रोसेनजीत और जीत के लिए रोल वाली कुछ फिल्मों में रोल कर चुकी हैं

अर्पिता मुखर्जी ने बांग्ला फिल्म अमर अंतरनाद में भी अभिनय किया अर्पिता मुखर्जी अभी नहीं की रेट में मिले 20 करोड़ 3 से चर्चा में हैं केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक शिक्षा भर्ती घोटाले की जांच के दौरान अर्पिता मुखर्जी की संलिप्तता भी सामने आई अर्पिता मुखर्जी को लेकर कहां जा रहा है कि वह पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी के अक्षर करीब में देखी जाती है जो कि वहां के शिक्षा मंत्री रह चुके हैं लेकिन अब सवाल यह उठ रहे हैं कि बांग्ला फिल्मों में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले पांच तरीके दरअसल तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी दक्षिण कोलकाता में लोकप्रिय दुर्गा पूजा समिति नकतला उदयन का संचालन करते हैं और यह कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा समितियों में से एक हैं अर्पिता मुखर्जी साल 2019 और 20 में पार्थ चटर्जी के दुर्गा पूजा समारोह का चेहरा भी रह चुकी है दुर्गा पूजा दौरान जारी किए गए पोस्ट में पार्थ चटर्जी का नाम संघ के अध्यक्ष के तौर पर भी लिखा गया है अब टीएमसी पार्टी ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए खुद को इस घोटाले से दूर कर लिया और कहा कि टीएमसी का इन पैसों से कोई लेना-देना नहीं है जांच में जिनके भी नाम सामने आए हैं जवाब देना उनका और उनके वकीलों का काम है डीएम से अभी पूरे मामले को करीब से देख रही हैं समय आने पर प्रतिक्रिया दी जाएगी आप यहां पर सोच-विचार करने वाली बड़े-बड़े नेता जब हमारे देश में ऐसा गड़बड़ घोटाला करेंगे तो आखिर जनता का विकास कैसे होगा जब नायक खलनायक बन जाए तो चिंता किस पर भरोसा करें यह तो वही बात हो गई खेत इस मामले के खुलासे हम आपको बता देंगे

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